इतिहास नहीं बन पाया। मेहनत पर किसने फेरा पानी?

इस हार के खलनायक कौन है? क्या कैच ने मैच भी छोड़ा? इतिहास बनाने के चक्कर में, भारत के खिलाफ ही इंग्लैंड ने इतिहास रच दिया। 5वे टेस्ट में रिकोर्ड और रिकोर्ड बने। कई सवाल आपके मन में होंगे। चलिये एक एक कर उसे सुलझाये।

पूरे मैच की बात करे तो, भारत ने पहले पुरे 3 दिन हावी था। लेकिन, पूरा चौथा दिन इंग्लंड ने हावी रही और मैच अपने जेब में कर लिया। इंग्लंड ने 7 विकेट से ये मैच जीता और इतिहास रच दिया।

Courtesy : Sony Liv; Match summary of 5th test Eng vs Ind.

जबसे ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड टीम की कमान संभाली है तब से इंग्लंड ने जैसा गियर शिफ्ट कर लिया हो। उन्होंने न्यूजीलैंड को घरलू सीरीज़ में 3-0 से हराया। और आज टेस्ट मैच जितते हुए भारत के साथ ये सीरीज 2-2 से बराबरी पर खतम की।

पहले इनिंग्स से बात करे तो, पहले इनिंग में भारत की पहले 5 खिलाड़ी कुछ खास कर नहीं सके। 98 रन पर ही भारत के 5 विकेट चले गए। लेकिन, ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा हैं 200 रन की ताबडतोड पार्टनरशिप भारत को ड्राइविंग सीट पर लाकर बिठाया।

पहले पारी में पंत ने 146 रन और रवींद्र जडेजा ने 104 रन बनाए। भारत की पारी 416 पर खतम हुई। दुसरे दिन ऐसा लगा की अब भारत टेस्ट मैच में पिछे मुडकर नहीं देखेगे।

इंग्लंड ने बल्लेबाजी शूरू की, हमेंशा की तरह इंग्लंड के ओपनर्स बस 6 ओवर खेल कर पवेलियन लौट गए। उनके एक के बाद एक विकेट गिरना शुरू हो गए। जो रूट मजबूत लग रहे थे। लेकिन, सिराज के इनस्विंगर पर कीपर कैच हो गए। इंग्लंड के 85 के आसपास 5 विकेट चले गए।

दुसरे इनिंग्स में, स्टोक्स और बेयरस्टो बल्लेबाजी करते समय, विराट कोहली ने बेयरस्टो को उकसा दिया। बेन स्टोक्स के दो कैच छुटने के बावजुद वो जल्दी बाहर हुए। लेकिन, बेयरस्टो रुकते न रुक रहे थे। उन्होंने केवल 110 गेंदो पर अपना शतक पूरा करदीया।

इंग्लंड की पहली पारी 245 रन मे सिमट गई। बेयरस्टो के शतक के वजहसे, तो यहां तक ​​पोहोच पाया। टीम इंडिया के पास 132 रन की लीड थी। भारत ने अभी तक 8 सेशन पाई में पुरे 7 पाई अपने नाम करलिये थे। भारत गेम में पुरे कंट्रोल में नजर आ रहे थे।

Courtesy : Sony Liv.

यहा से शुरू हो गया इंग्लंड का कमबैक। इंग्लंड ने जैसा मैच का रुख ही पलट दिया। भारत के दुसरे इनिंग की पहली ही ओव्हर में शुभमन गिल को एंडरसन ने चलता किया। उसके बाद आऐ हनुमा विहारी भी सस्ते में चल बसे।

विराट कोहली कॉन्फिडेंट लग रहे थे। लेकिन, बेन स्टोक्स के गेंद पर वो भी बदकिस्मती से बाहर हो गए। चेतेश्वर पुजारा ने कमबैक करते हुए 50 रन की ताबडतोड पारी खेली। तिसरे दिन का खेल खतम होते होते भारत के 3 विकेट चले गए और टीम इंडिया स्ट्रॉन्ग पोजीशन पर आ गई। 125 रन स्कोर करने के बाद भारत के पास 250 रन के आसपास की लीड बन गई थी।

ऋषभ पंत के 50 छोडे, तो भारतीय बल्लेबाज तो जैसे एक के बाद फटाफट पवेलियन लौटे। पूरे भारतीय पारी में किसी भी खिलाड़ी ने क्यारॅक्टर नहीं दिखाया। जडेजा भी बदकिस्मतीसे चल बसे। इन तीनो के अलावा किसी भी खिलाड़ी ने जिम्मेदारी नहीं ली और सभी खिलाड़ी गैर जिम्मेदार पद्धती से बाहर हो गए।

भारत की पारी चौथे दिन, दुसरे सत्र में ही सीमट गई। भारत ने दुसरे इनिंग्स में केवल 245 पर सिमट गई। पंत और पुजारा ही इस पारी में चल पाए। इंग्लंड के सामने फिरभी 378 रन का पहाड़ था। सकारात्मक बिंदु देखे तो उनके पास समय काफ़ी था।

इंग्लंड ने दुसरी पारी से वन डे क्रिकेट खेलना शुरू करदिया। आते ही दोनो छोरोसे एलेक्स लीज़ और झॅक क्रॉले ने आतिशबाजी शुरू करदी। देखते ही देखते दोनो के बीच 100 रन की पार्टनरशिप पूरी भी करदी। बॉल लीव करने के चक्कर में क्रॉले बोल्ड हो गए। लंच के बाद पहली गेंद पर पोप आउट हो गए। और बोर्ड के 109 रन थे, उस वक्त रूट ने लीस को रन आउट करदिया।

उस वक्त ऐसा लगा की बस अब मोमेंटम शिफ्ट हो गया। अब जाएगी इंग्लंड घर। रूट के छोर से हमला कर रहे थे। सिराज के गेंदबाजी पर बेयरस्टो का कैच हनुमा विहारी ने छोडा। विहारी ने जब दुसरे स्लिप पर कैच छोडा, उस वक्त वो बस 14 रन पर खेल रहे थे। कैच छुटा और मैच भी।

पिच में गेंदबाजो के लिए कोई मदद नहीं थी। बॉल तो जैसे टीम इंडिया से रूठ गया हो। बॉल ना सीम हो रही थी ना स्विंग। सारे फासे भारत के खिलाफ हो चुके थे। उस वक्त भारत के सामने 2 ज्वालामुखी, बेयरस्टो और रूट के रूप में खड़े थे। कैच छुटने के बाद दोनो ने मुडकर वापस देखा नहीं।

बेयरस्टो ने जैसा कहा, “तुम कितना भी लक्ष्य सेट करो हम चेस कर लेंगे”। और उन्होने कर के भी दिखाया। जो रूट ने अपने टेस्ट कैरियर 28 वी सेंचुरी पूरी करली। उनके साथ साथ बेयरस्टो ने भी लगातर दुसरे इनिंग में भी अपनी सेंचुरी पूरी की। जो रूट ने तो आज, बेयरस्टो से भी तेज पारी खेली।

जो रूट नाबाद 142 रन पर रहे और बेयरस्टो नाबाद 114 रन पर। दोनो ने 4थे विकेट के लिए 269 रन की नाबाद पार्टनरशिप की। इंग्लंड का नया युग शुरू हो गया है। पॉल कोलिगवुड और ब्रेंडन मैक्कुलम के अगवायी में इंग्लंड आक्रमक क्रिकेट खेल रही है। वैसे दोनो का खेल भी आक्रमक हुआ करता था।

“मैन ऑफ द मैच” का किताब जॉनी बेयरस्टो ने अपने नाम किया। 5 मैच के सीरीज में 105 के औसत से 737 रन बनाते हुए जो रूट “मैन ऑफ द सीरीज” बने। भारत की ओर से “मैन ऑफ द सीरीज” का किताब जसप्रीत बुमराह के नाम रहा।बुमराह ने 21 विकेट अपने नाम किए हैं।

भारत की गलतियों पर एक बार नज़र डालते हैं :

भारत दूसरे इनिंग्स में बल्लेबाजी नहीं कर पाया। श्रेयस अय्यर और शार्दुल ठाकुर अपरिपक्व खेल दीखा कर बाहर हुए। हनुमा विहारी और विराट कोहली भी फ्लॉप रहे। गेंदबाजी में गेंदबाजो के पिच से मदद नहीं मिल रही थी। उसके बावजुद विहारी ने दूसरी स्लिप में कैच छोड़ा।

टीम में शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे कमाल फील्डर होने के बावजुद विहारी दुसरे स्लिप पर खड़े हुए। जडेजा ने बल्लेबाजी तो खूब की परंतु गेंदबाजी में फ्लॉप रहे। शार्दूल ठाकुर बॅट और बॉल दोनो खेमे में जुंज ते रहे।

इस जीत के बाद बने इंग्लंड के रिकॉर्ड :

  1. टेस्ट में इंग्लैंड द्वारा सर्वोच्च पीछा.
  2. भारत के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा पीछा.
  3. अंग्रेजी मिट्टी पर टेस्ट इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा पीछा.
  4. 8वीं सबसे बड़ी चेज़ पहली बार किसी टीम ने 4 लगातार टेस्ट में 250+ का पीछा किया है.
Courtesy : Sony Liv.

नोट : भारत को भारत में 2013 के बाद कोई भी टेस्ट सीरीज में हरा नहीं पाया है। पिचले 10 सालो में भारत के खिलाफ भारत में कोई भी टेस्ट सीरीज जीत नहीं पाया है।

फॅन्स नारज ना ही क्योंकि, इस ही टीम ने हमें खुश होने के लिए कयी मौके दिए हैं। इंग्लंड के खिलाफ टी20 सीरीज 7 जुलाई से शुरू होने जा रही है।

The post इतिहास नहीं बन पाया। मेहनत पर किसने फेरा पानी? first appeared on Scoop Whoops.

Similar Posts